अभी से दरकने लगी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, दिखने लगी दरारें


आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर अभी छोटे वाहनों का ही चलना प्रारंभ हो पाया है लेकिन पुलों पर कमी आना शुरू हो गई। इटावा जिले के ताखा क्षेत्र में एक पुल पर नीचे का हिस्सा दर्जनों स्थान पर चार दिन से टुकड़ों में टूट-टूट कर गिर रहा है जिससे कई स्थानों पर सरियों का जाल दिखने लगा है। पुल में आयी खामी को छिपाने के लिए कार्यदायी संस्था लीपापोती कर कमी को छिपाने में जुटी हुई है। वहीं ग्रामीणों में इसको लेकर भय व्याप्त है। भाजपा नेताओं और ग्राम प्रधान ने निर्माण की जांच कराये जाने की की मांग मुख्यमंत्री से की है। 


दरअसल, आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर अभी सीमित संख्या में ही वाहनों का आना जाना है जबकि बडे वाहन अभी प्रतिबंधित ही है। कन्नौज और इटावा के लगभग 60 किलोमीटर की दूरी में कार्यदायी संस्था नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी ने लगभग 1700 करोड़ रुपये की लागत से काम करवाया है। काम को जल्दी करने के दबाव में कार्यदायी संस्था ने लगता है गुणवत्ता से ही समझौता कर लिया। लखनऊ की तरफ जाने वाले हिस्से में नीचे की तरफ दर्जन भर से अधिक स्थानों पर पुल से टुकड़े टूट रहे हैं। टुकड़े इतने गहरे स्थानों से गिरे जिससे सरिया का जाल तक दिखने लगा। यह टुकड़े कई स्थानों पर काफी गहराई तक टूट गये अचानक पुल से टुकड़े टूट कर गिरने लगे ।

आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पहले भी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे परन्तु तत्कालीन सपा सरकार के समय कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई नहीं हो पाई थी। बरसात के समय कई स्थानों पर मिट्टी के साथ ही सड़क तक कट गयी थी यही नहीं पुरहा नदी के पुल के पास एक पुल का खम्भा तक ढह गया था इसके साथ ही कई अन्य कमियां समय समय पर उजागर होती रही हैं। 

 

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