सोनिया के इशारे पर गिरफ्तार किया गया साध्वी प्रज्ञा को, और 9 साल तक किया गया अत्याचार, कैंसर भी

मालेगांव_ब्लास्ट

2004 में सुनील जोशी ने साध्वी_प्रज्ञा से उनकी बाइक खरीदी, साध्वी प्रज्ञा के पास बाइक बेचने के कागज भी पुरे मौजूद थे . 2007 में सुनील जोशी की हत्या हो गई और मोटरसाइकल उसके घर से गायब हो गई फिर मालेगांव विस्फोट हुआ जिसमें साध्वी प्रज्ञा की उपर्युक्त बाइक मिली जिसमे बांधकर ही विस्फोट हुआ था।

अक्टूबर 2008 को साध्वी को ATS ने गिरफ्तार किया फिर केस NIA को दिया गया 2013 में NIA ने साध्वी को निर्दोष पाया।

*विश्लेषण* 2004 में जबलपुर में साधू संतो का विशाल राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था जिसमे इसाई मिशनरियों के धर्मांतरण का विरोध किया गया। साध्वी प्रज्ञा कॉर्यक्रम की संचालक थी।

तो साध्वी प्रज्ञा को फसाने के लिये लम्बा धड्यंत्र बुना गया जिसके तहत उनके परिचित सुनील जोशी से प्रज्ञा जी की मोटर साइकल खरीदवाई गई। फिर सुनील जोशी की हत्या कर दी गई ताकि इस शाड्यंत्र की कड़ी टूट जावे। फिर प्रज्ञा जी की मोटरसाइकल पर विस्फोटक बांधकर मालेगांव में मस्जिद के सामने उड़ा दिया गया।

अब क्या कोई इतना मूर्ख होता है कि मस्जिद के सामने विस्फोट करने के लिये अपनी मोटरसाइकिल का उपयोग करेगा, विस्फोटक तो किसी सायकल, गिफ्ट पैकेट, मांस आदि के बीच में छिपाकर रखा जाता यदि किसी को अपराध करना होता। और आश्चर्य की बात ये है कि इसी दिन मस्जिद में लगे कैमरे बन्द कर दिए गए थे, तो ये पता नही चला की मोटरसाइकल किसने खड़ी की थी।। ये भी planted षड्यंत्र का एक हिस्सा था।

देश में इतने सारे आतंकवादी हमले हुए , संसद हमले, ताज होटल, क्या किसी भी हमले में इस्तेमाल हुई औज्यार, ट्रक आदि के मालिक का पता चला।

खुद विचार कर सकते हैं कि प्रज्ञा दीदी को किन लोगों ने फंसाया था।

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